क्या अमेरिकी चुनाव में चमकेगा भारतीय समुदाय? डेमोक्रेट्स ने दो भारतवंशी चेहरों पर लगाया दांव
वाशिंगटन| अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के दो उम्मीदवारों—अमीश शाह और पिया दांडिया—को डेमोक्रेटिक पार्टी के महत्वपूर्ण चुनाव अभियान में शामिल किया गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी आगामी नवंबर माह में होने वाले कांग्रेस चुनावों के माध्यम से प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) पर पुनः नियंत्रण हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।
'रेड टू ब्लू' अभियान में मिली जगह
डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाल ही में अमीश शाह और पिया दांडिया सहित कुल पाँच नए उम्मीदवारों को अपने विशेष 'रेड टू ब्लू' अभियान का हिस्सा बनाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों का समर्थन करना है, जहाँ रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव अधिक है और डेमोक्रेट्स कड़ी चुनावी टक्कर दे रहे हैं। ऐसे उम्मीदवारों को संगठन और वित्तीय संसाधन जुटाने में पार्टी की ओर से विशेष मदद प्रदान की जाती है। डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति वर्तमान में लगभग 30 ऐसे चुनिंदा उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है, जिनके जरिए रिपब्लिकन पार्टी से सीटें छीनने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
अमीश शाह और पिया दांडिया का राजनीतिक सफर
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अमीश शाह: पेशे से चिकित्सक और एरिजोना विधानसभा के तीन बार सदस्य रह चुके अमीश शाह एरिजोना के पहले जिले से चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार तथा नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के पूर्व खिलाड़ी जे फीली से है, जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है। उनका जन्म शिकागो में गुजराती मूल के माता-पिता के घर हुआ था, जो 1960 के दशक में भारत से अमेरिका जाकर बसे थे।
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पिया दांडिया: पहली पीढ़ी की अमेरिकी नागरिक और हाई स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य पिया दांडिया दक्षिण फ्लोरिडा के 22वें जिले से चुनाव लड़ रही हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ था। वह महज 28 वर्ष की आयु में एक स्कूल की संस्थापक प्रधानाचार्य बनने वाली देश की सबसे युवा प्राचार्यों में शुमार रही हैं।
अमेरिकी संसद में भारतीय मूल का प्रतिनिधित्व
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के कुल छह सांसद अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार, सुहास सुब्रमण्यम, अमी बेरा और प्रमिला जयपाल शामिल हैं। 'इंडियन-अमेरिकन इम्पैक्ट' जैसे संगठन अमेरिका में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भारतीय प्रवासियों की बढ़ती भागीदारी और समान प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

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