सरगुजा| छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंतर्गत आने वाले सीतापुर नगर के आहारा तालाब स्थित अटल परिसर में हाल ही में स्थापित की गई भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की निर्माण गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रतिमा के अनावरण और स्थापना के कुछ ही समय बाद उसमें जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं और उसकी सतह से पपड़ी उखड़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे इस सरकारी निर्माण कार्य की पारदर्शिता और मजबूती पर सवालिया निशान लग गया है।

प्रतिमा में दरार आने से स्थानीय लोगों में असंतोष

क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और आम जनता का आरोप है कि इस प्रतिमा के निर्माण के लिए सरकार द्वारा तय मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्याप्त राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन धरातल पर काम के दौरान घटिया निर्माण सामग्री और भारी लापरवाही बरती गई। प्रतिमा की इस मौजूदा जर्जर स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है और वे अब इस मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

यह पूरा मामला जब स्थानीय विधायक के संज्ञान में आया, तो सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विधायक ने बेहद दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी या किसी भी प्रकार की वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

विधायक रामकुमार टोप्पो ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी विकास कार्य या निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जनता के खून-पसीने की कमाई यानी टैक्स के पैसों से होने वाले सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार ही होने चाहिए। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, निर्माण एजेंसी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, विकास और पारदर्शिता के संकल्प के अनुरूप पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि प्रदेश की जनता को पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बुनियादी ढांचे मिल सकें।