भूख, मौत और अपहरण का खौफ, नाइजीरिया में 6 महीने बाद 163 लोग आतंकियों से छूटे
इलोरिन: पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया में जिहादी आतंकवादियों की कैद से छह महीने के लंबे अंतराल के बाद सुरक्षित मुक्त कराए गए 163 लोगों ने अपने अपहरण और प्रताड़ना के खौफनाक अनुभवों को साझा किया है। मुक्त होने वाले इन लोगों में अधिकांश संख्या महिलाओं और मासूम बच्चों की है। नाइजीरियाई सुरक्षा बलों द्वारा हाल ही में चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान तीन सौ से अधिक अपहृत बंधकों को मुक्त कराया गया था, जिनमें से 163 लोगों को क्वारा राज्य की राजधानी इलोरिन में प्रशासनिक अधिकारियों को आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया।
अस्पताल में स्वास्थ्य जांच और बंधकों की दर्दनाक आपबीती
सुरक्षा बलों द्वारा छुड़ाए गए इन सभी पीड़ितों को तत्काल चिकित्सीय उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य जांच के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां वे अपने परिवारों से पुनः मिलने और घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान पैंतालीस वर्षीय मैरी इशाया ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें कई-कई दिनों तक भूखा रहना पड़ा। उन्होंने नम आंखों से बताया कि आतंकवादियों की कैद के दौरान उन्हें और अन्य बंधकों को उन मृत कैदियों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया जाता था, जिनकी कैद के दौरान यातनाओं से मौत हो जाती थी।
फरवरी के खूनी हमले और जंगल में बिताए गए अमानवीय दिन
पीड़ितों के अनुसार, इन सभी का अपहरण इसी वर्ष तीन फरवरी को हुआ था, जब जिहादी आतंकियों ने वोरो गांव पर अचानक हमला बोलकर एक सौ साठ से अधिक बेकसूर लोगों की हत्या कर दी थी। अस्पताल में भर्ती इन मुक्त बंधकों की शारीरिक स्थिति बेहद दयनीय और कमजोर नजर आ रही है। कई लोग फर्श पर लेटे हुए थे और उनके शरीर पर गहरे जख्मों के निशान थे, जबकि कई महिलाएं इस भीषण हादसे के गहरे मानसिक आघात से जूझ रही थीं। कुछ महिलाओं को तो अस्पताल में ही यह दुखद खबर मिली कि फरवरी के उस आतंकी हमले में उनके पतियों की भी जान जा चुकी है।
अमेरिका से मिलने वाली सैन्य सहायता और अब तक का सबसे बड़ा बचाव अभियान
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टिनूबू ने इस सफल ऑपरेशन को देश के इतिहास में एक दिन में चलाया गया अब तक का सबसे बड़ा बचाव अभियान करार दिया है। हालांकि, घने जंगलों से घिरे काइनजी झील राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से इन बंधकों को किस प्रकार मुक्त कराया गया, इसकी विस्तृत जानकारी स्थानीय अधिकारियों द्वारा साझा नहीं की गई है। इस बीच, देश में बढ़ते आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका की ओर से नाइजीरिया को सैन्य और खुफिया सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि संकटग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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