कुछ लोग व्यापारियों से ले रहे 30-30 रुपए, रसीद भी दे रहे; पैसा किसके खाते में जाएगा, पता नहीं

अस्थाई मंडी में कोविड गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया जा रहा।

भोपाल शहर को सब्जी की उपलब्धता के लिहाज से शुरू अस्थाई सब्जी मंडी विवादों में उलझ गई है। पिछले कुछ दिनों से यहां कुछ लोगों द्वारा की जा रही अवैध वसूली की जा रही है।

ईंटखेड़ी पर बनाई गई अस्थाई सब्जी मंडी में पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। प्रति व्यापारी 30 रुपए की यह वसूली किसके खाते में पहुंच रही है, यह किसी को नहीं पता। व्यापारियों द्वारा इसको लेकर सवाल करने पर कहा जाता है, कोविड नियमों के पालन की उद्घोषणा करने और क्षेत्र में बिजली व्यवस्था करने के नाम पर यह राशि जमा की जा रही है।

पुलिस का कहना- सरकारी नहीं व्यवस्था

ईंटखेड़ी थाना प्रभारी करण सिंह का कहना है कि अस्थाई मंडी में बिजली, पानी और एलान के लिए लाउडस्पीकर लगाने की व्यवस्था कुछ लोगों ने की है। जिसके लिए वे 30 रुपए प्रति व्यापारी ले कर रहे हैं। इसे लेकर हो रहे विवादों के बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था करने वालों का तर्क है कि अस्थाई मंडी में आने वाले व्यापारी अपनी-अपनी लाइट लगाकर रोशनी के इंतजाम करते थे। इसमें भी उनका पैसा खर्च होता है। इसी को देखते हुए बिजली के इंतजाम किए गए हैं।

साथ ही, कोविड नियमों के पालन के लिए जागरुक करने के लिए लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि व्यापारियों को इस बात पर आपत्ति है कि बिना किसी सरकारी व्यवस्था के की जा रही वसूली का पैसा किसके जेब में जा रहा है, इसका हिसाब दिया जाना चाहिए।

इस तरह की रसीद देकर की जा रही वसूली।

हर रोज हजारों की वसूली

जानकारी के मुताबिक अस्थाई मंडी में माल बेचने पहुंचने वाले सैकड़ों व्यापारियों के पास खरीदी करने हजारों लोग पहुंचते हैं। इस लिहाज से इस मंडी में आने वाले हजारों लोगों से बिना अधिकार हजारों रुपए की वसूली की जा रही है। शासन-प्रशासन की तरफ से वसूली करने की कोई तैनाती न किए जाने के बाद हो रही यह वसूली लोगों को खल रही है।