Pulwama attack india Pakistan reactions जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को हर तरह से घेरने की तैयारी कर ली है. फिर चाहे वह कूटनीतिक तौर पर हो या फिर सीधे आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देना हो. भारत की इस मुहिम का साथ दुनिया के कई देशों ने दिया है. आज भी सऊदी प्रिंस के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद के मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकते हैं.  

एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शांति की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बॉर्डर पर वहां की सेना सीजफायर उल्लंघन कर रही है. बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने राजौरी सेक्टर में सीजफायर उल्लंघन किया. 
पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने बुधवार को नई दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. अजय बिसारिया पुलवामा हमले के बाद से ही नई दिल्ली में हैं. न्यूजीलैंड की संसद में गुरुवार को पुलवामा आतंकी हमले को लेकर निंदा कर प्रस्ताव पारित किया गया. ये जानकारी न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने दी. 
ट्विटर ने मंगलवार रात पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैजल का निजी ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया है. पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता डॉक्टर फैजल के निजी ट्विटर हैंडल को भारत सरकार की ओर ट्विटर को की गई शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया है. 
पाकिस्तान के खिलाफ भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है. दुनिया के तीन ताकतवर देश अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाएंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले में पाकिस्तान को लताड़ा है और भारत का साथ दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने पुलवामा हमले को ‘भयावह’ बताया है. उनके अलावा अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. 
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रकार का बयान देकर झूठा बहाना बना रहा है. इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में संचालित आतंकी समूहों, अन्य आतंकवादियों और पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं के विरुद्ध 'विश्वसनीय और पारदर्शी कार्रवाई' करना चाहिए.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को हर तरह से घेरने की तैयारी कर ली है. फिर चाहे वह कूटनीतिक तौर पर हो या फिर सीधे आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देना हो. भारत की इस मुहिम का साथ दुनिया के कई देशों ने दिया है. आज भी सऊदी प्रिंस के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद के मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकते हैं.