अमेरिका के नेतृत्व वाले ड्रिल पर उत्तर कोरिया की चेतावनी, कहा- यह हमले की तैयारी
प्योंगयांग: उत्तर कोरिया ने अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास 'रिम ऑफ द पैसिफिक' (RIMPAC) पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे आक्रामक युद्ध का अभ्यास करार दिया है। प्योंगयांग ने चेतावनी दी है कि इस बढ़ते सैन्य खतरे का मुकाबला करने के लिए वह अपनी प्रतिरोधक क्षमता को एक नए और उच्च स्तर पर ले जाएगा।
अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया सैन्य गठजोड़ पर हमला
उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया में प्रकाशित एक सैन्य लेख के अनुसार, रिमपैक अभ्यास अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य दबदबा कायम करना है। लेख में दावा किया गया कि इस बार अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका केवल प्रतीकात्मक न होकर वास्तविक सैन्य अभियानों के स्तर तक व्यापक थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन तीनों देशों के बीच संयुक्त परिचालन क्षमता को बेहद मजबूत कर रहा है।
'रेड लाइन पार कर चुका है त्रिपक्षीय सहयोग'
उत्तर कोरिया ने हाल के अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य कार्यक्रमों की भी तीखी आलोचना की। प्योंगयांग का आरोप है कि ये गतिविधियां कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी का हिस्सा हैं। लेख में स्पष्ट किया गया कि तीनों देशों का यह त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग अब 'रेड लाइन' पार कर चुका है, जो पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहा है।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का संकल्प
अपनी सुरक्षा नीति के मूल सिद्धांतों का हवाला देते हुए उत्तर कोरिया ने दोहराया कि वह किसी भी नए स्तर के खतरे का जवाब उसी स्तर की सैन्य और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर देगा। प्योंगयांग ने साफ किया कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक और कड़े कदम उठाना जारी रखेगा।

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