कोरबा कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उसे फैलने से रोकने के लिए लागू की गई पूर्ण तालाबंदी के बावजूद 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकारण तेजी से जारी है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का टीका लगवाने के लिए 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बड़ी संख्या में टीकाकरण केन्द्रों तक पहुंच रहे हैं। जिले में निर्धारित किये गये लक्ष्य के अनुसार अब तक 45 वर्ष से अधिक उम्र के 77 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। कोरबा जिले में अब तक दो लाख 19 हजार 937 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कोविड टीकाकरण केन्द्रों पर लोगों को टीका लगाने के बाद काउंसिलिंग भी की जा रही है। कोरबा जिले में वर्ष 2020-21 में अनुमानित जनसंख्या 14 लाख 21 हजार 968 में से  दो लाख 84 हजार 394 लोग 45 वर्ष से अधिक उम्र के अनुमानित किये गये हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना की वेक्सीन लगाई जा रही है। जिले में अब इस आयु वर्ग के केवल 64 हजार 457 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाना बाकी है। आगामी एक सप्ताह में लक्ष्य अनुसार इन सभी लोगों का टीकाकरण पूरा कर लिया जायेगा।
*शहरी क्षेत्रों में लगी अब तक सबसे अधिक वैक्सीन, ग्रामीण क्षेत्रोें में पाली पहले स्थान पर
   कोरोना टीकाकरण सघन अभियान के दौरान अभी तक कटघोरा और कोरबा के शहरी इलाकों में सबसे अधिक वैक्सीेनेशन हुआ है। इन इलाकों में अब तक 51 हजार 625 लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के मामलें में पाली विकासखण्ड पहले स्थान पर है जहां अब तक 39 हजार 399 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। दूसरे स्थान पर कटघोरा विकासखण्ड है जहां 32 हजार 750 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में 32 हजार 244 लोगों को, करतला विकासखण्ड में 32 हजार 111 लोगों को, कोरबा विकासखण्ड के ग्रामीण इलाकों में 31 हजार 808 लोगों को और कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा चुका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविशील्ड टीके के पहले डोज से छह से आठ सप्ताह के अंतराल में कोविशील्ड का दूसरा डोज लगाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिला स्तरीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों को दिए गए है