किसी ने शादी की तारीख बदली तो किसी ने बारात, रिसेप्शन भी किया निरस्त; कार्ड छपवाने की जगह फोन-सोशल मीडिया से निमंत्रण

अप्रैल महीने से एक बार फिर शादियों के मुहूर्त शुरू होने जा रहे हैं। 22 अप्रैल से जुलाई तक की बात करें, तो इस बीच कुल 37 मुहूर्त हैं। 25 अप्रैल को सबसे बड़ा मुहूर्त हैं। इसके बाद 2, 9 व 16 मई को भी शादियां हैं, लेकिन तारीखों में भी रविवार का लॉकडाउन रहेगा। ऐसे में परिवारों ने बारात, फेरे और रिसेप्शन की तारीख बदल ली है।

गाइडलाइन के अनुसार शादी 50 मेहमानों के साथ की जा सकती है। इसी को देखते हुए परिवारों ने शादी को लेकर कई बदलाव किए हैं। कई परिवारों ने 25 अप्रैल को होने वाले आयोजन निरस्त कर दिए हैं। किसी ने मैरिज गार्डन की बुकिंग निरस्त कर दी है, तो कोई बिना कार्ड छपवाए, फोन, सोशल मीडिया के जरिए ही गिने-चुने लोगों को निमंत्रण भेज रहे हैं। कुछ ने रात के बजाय दिन में शादी की रस्में निभाने की तैयारी कर ली है। अक्षय तृतीया यानी 14 मई को होने वाले ज्यादातर सामूहिक विवाह भी निरस्त कर दिए गए हैं। जिन्हें कुछ उम्मीद है, उन्होंने ने भी संख्या को सीमित कर दिया है। बता दें कि जिले में प्रतिवर्ष करीब 100 सामूहिक विवाह के आयोजन होते हैं, जिसमें हजारों कपल परिणय सूत्र में बंधते हैं।

सालभर में होने वाली शादियों के मुहूर्त

महीना          मुहूर्त                               तारीख

                 
अप्रैल 2021         8                  22, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 अप्रैल
मई 2021           16                   1, 2, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 28, 29 और 30 मई।
जून 2021            8                     3, 4, 5, 16, 20, 22, 23 और 24 जून।
जुलाई 2021         5                  1, 2, 7, 13 और 15 जुलाई।
नवंबर 2021         7                  15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30 नवंबर।
  दिसंबर 2021      6                                             1, 2, 6, 7, 11 और 13 दिसंबर।

2 मई को देवउठनी ग्यारस पर के बाद शादी

एबी रोड स्थित पंचवटी निवासी शिव कुमार शिंदे ने बताया बेटे की शादी 2 मई को थी। इस दिन रविवार का लॉकडाउन और 50 सदस्यों में कैसे शादी समारोह होता, यह समझ नहीं आ रहा था, इसलिए परिजन से चर्चा कर कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए शादी देवउठनी ग्यारस के बाद नवंबर-दिसंबर में करने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र व राजस्थान के रिश्तेदारों ने भी असमर्थता जताई थी।

200 मेहमानों के हिसाब से बुकिंग

बिचौली मर्दाना निवासी भरत शर्मा के अनुसार 25 व 26 अप्रैल को छोटे भाई की शादी है। 200 मेहमानों के हिसाब से पूरी बुकिंग कर चुके थे, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि 50 सदस्यों में किसे बुलाएं और किसे नहीं। लड़की वाले जबलपुर से आ रहे हैं। उनके साथ 30 नजदीकी परिजन आ रहे हैं। हम दोस्तों-मित्रों के साथ कई नजदीकी परिजन को भी नहीं बुला पा रहे हैं। किस तरह समारोह संपन्न होगा, ये किसी को समझ नहीं आ रहा है।

ऐसी मजबूरी कि मामा, बहन, जीजाजी भी नहीं आ सकेंगे

विद्या नगर निवासी महेश भराणी के अनुसार सारे आयोजन पहले ही तय कर दिए थे। अब 24 अप्रैल की रात को माहेश्वरी भवन में मेहमानों सहित पहुंचेंगे। 25 अप्रैल को गणेश जी की स्थापना, सगाई, महिला संगीत के आयोजन करेंगे। पहले शादी नवंबर में करने वाले थे। सोचा था कि अप्रैल तक कोरोना वैक्सीन आ जाएगी तो सब कुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन हालात अब भी वैसे ही हैं। 86 वर्षीय पिता जुगलकिशोर भराणी सहित मामा, बहन व जीजाजी के परिजन भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

यह है गाइडलाइन

शादी समारोह में वर-वधु पक्ष और पुजारी आदि सहित कुल 50 लोग सम्मिलित हाे सकेंगे। बारात निकालने पर प्रतिबंध है। शादी स्थल पर बैंड बाजे बज सकेंगे। इसके अलावा किसी प्रकार से गाइड लाइन का उल्लंघन किया जाता है, तो शादी स्थल को सील तक किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।