भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस बीच निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की भारी कमी हो रही है. ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रदेश में हर दिन 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत रहती है, जबकि सप्लाई सिर्फ 267 मीट्रिक टन की हो रही है. बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल को छोड़कर ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों में डिमांड से 40 फीसदी कम ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है. सरकार ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं.अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते कई गंभीर कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है. ऑक्सीजन को लेकर स्वास्थ विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत संक्रमित मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन 90 से 94 के बीच है तो उसे ऑक्सीजन थेरेपी दिए जाने की बात कही गई है. सैचुरेशन 95 से ऊपर होने पर होम आइसोलेशन में रखने कहा गया है.

लगातार बढ़ रहे कोरोना केस
मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हुआ है. नए आंकड़ों में भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा कोरोना के नए सामने आए हैं. इंदौर में जहां 1552 केस, वहीं भोपाल में 1456 नए प्रकरण सामने आए हैं. वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव प्रयास करें. कोरोना से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए सरकार पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी.