तिरुवनंतपुरम।  संयुक्त अरब अमीरात के राजनयिक मिशन के कुछ कर्मचारियों का इस्तेमाल कर जुलाई 2019 से देश में कम से कम 300 किलोग्राम सोने की तस्करी हुई है। तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 30 किलोग्राम सोना 5 जुलाई को जब्त किया गया था। सूत्रों के मुताबिक 13 खेप में सोना पहुंचाया गया। सूत्रों ने यह भी बताया कि कम से कम 13 खेप में एक साल में 300 किलोग्राम सोने की तस्करी हुई है। सारी खेप बिना जांच के पास हो गई। उनमें से कुछ खेप का वजन 70 किलोग्राम था। उन्होंने रविवार को कहा कि हम राज्य सरकार के विभागों द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रमों की भी जांच कर रहे हैं। वहीं, इस संबंध में एनआईए ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि सीमा शुल्क ने सोने की तस्करी के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आया है, उन्हें तलब किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय की जांच होनी चाहिए: चेन्निथला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने रविवार को कहा कि सोने की तस्करी के सनसनीखेज मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच होनी चाहिए। पिनराई विजयन से पूछताछ होनी चाहिए। चेन्निथला ने कहा कि तस्करी के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच करने का समय आ गया है और अब मुख्यमंत्री से भी पूछताछ की जानी चाहिए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सोने की तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्च अधिकारियों के शामिल होने की खबरें सामने आने के बाद कार्यालय की अक्षमता और यहां फैला भ्रष्टाचार उजागर हो गया है।

क्या है पूरा मामला?
तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीमा शुल्क अधिकारियों ने पांच जुलाई को भारी मात्रा में सोना बरामद किया था। यह सोना यूएई के वाणिज्य दूतावास के लिए आए बैगों में भरा हुआ था। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि सोना शौचालयों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से भरे बैग में रखा हुआ था। तस्करी के आरोप में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लिया गया। पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लेने के बाद जांच के लिए कोच्चि ले जाया गया। आरोपी को जब यह पता चला कि उसके सामान की जांच होगी तो उसने सीमा शुल्क अधिकारियों को धमकी भी थी। इस बीच जय हिंद टेलीविजन चैनल ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि मुख्यमंत्री कायार्लय के एक शीर्ष अधिकारी ने कथित रूप से हवाई अड्डे पर यूएई के वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी की मदद करने की कोशिश की थी।