भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पुलिस (Police) में तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण फैल रहा है. पिछले कुछ दिनों में भोपाल के 70 पुलिसकर्मी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि पिछले एक साल में राजधानी के 1319 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. हालांकि, कोरोना से बचाव के लिए पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस के अधिकारी फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए गाइडलाइन जारी कर चुके हैं. सबको गाइडलाइन का पालन करने और सतर्क रहने के लिए कहा गया है. इसके बाद भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी संक्रमित हो रहे हैं. भोपाल मैनिट के हॉस्टल में पुलिसकर्मियों के लिए 200 बेड का क्‍वारंटीन सेंटर बनाया गया है.दूसरी ओर मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस बीच निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की भारी कमी हो रही है. ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रदेश में हर दिन 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत रहती है, जबकि सप्लाई सिर्फ 267 मीट्रिक टन की हो रही है. बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल को छोड़कर ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों में डिमांड से 40 फीसदी कम ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है. सरकार ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं.

जारी की गई गाइडलाइन
अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते कई गंभीर कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है. ऑक्सीजन को लेकर स्वास्थ विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत संक्रमित मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन 90 से 94 के बीच है तो उसे ऑक्सीजन थेरेपी दिए जाने की बात कही गई है. सैचुरेशन 95 से ऊपर होने पर होम आइसोलेशन में रखने कहा गया है.