इंदौर. 15 कुमाऊं रेजीमेंट के नायक बादल सिंह चंदेल बुधवार सुबह अचानक बर्फ धंसने से सियाचिन में शहीद हो गए. वे 27 हजार फीट ऊंचे ग्लेशियर पर तैनात थे. शुक्रवार रात को उनकी पार्थिव देह इंदौर एयरपोर्ट पहुंची, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. उज्जैन जिले के नागदा निवासी शहीद बादल सिंह चंदेल के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और साढ़े तीन साल का बेटा है. उनकी शहादत से पूरे शहर में शोक का माहौल है. जिस घर का बेटा शहीद हो गया, उस पिता के शब्द ही हमारे देश की ताकत- गम नहीं, गर्व है कि बेटा धरती मां के काम आया.सियाचीन में शहीद हुए नगर के बादल सिंह चंदेल की पार्थिव देह शनिवार सुबह नागदा पहुंचेगी. उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नगर का पूरा जन सैलाब उमड़ेगा. मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.