लॉकडाउन में भूख मिटाने के लिए सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है। रुपयों के लालच में ये राशन को बेच देते हैं। इस राशन को मुनाफा कमाने के लालच में खरीदने का भी बड़ा रैकेट चलता है। दो ऐसे ही मुनाफाखोरों के खिलाफ मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। रायपुर शहर के राजातालाब इलाके के दो मकानों में छापा मारकर टीम ने 78 क्विंटल चावल बरामद किया। अफसर जब शिकायत मिलने पर इन मकानों में पहुंचे तो अनाज के गोदाम की तरह कमरे में चावल की बोरियां रखीं थीं। जिन्हें मनमाने दाम पर ये लोग बेचने की ताक में थे।

ऐसे कमाते थे मुनाफा

इस मामले में साजिद अली और नसीम बानो नाम की महिला के खिलाफ केस बनाया जा रहा है। इन दोनों ने राशनकार्ड धारकों को 16 रुपये की दर से चावल खरीदने का लालच दिया था। साजिद अली के घर से 114 कट्टा में 45 क्विन्टल चावल रखा पाया गया। साजिद अली ने स्वीकार किया कि वो राशन दुकान से राशनकार्ड धारकों के द्वारा चावल खरीद लेने के बाद उनसे सौदा करता है और 16 रुपये किलो के दाम पर चावल खरीद लेता है। इस चावल को बाजार में जरूरतमंदों को 18 रुपये में बेचता है।

सरकारी राशन ने शुरू हो गया स्टार्टअप

​​​​​​​नसीम बनो ने तो सरकारी चावल से ही अपना बिजनेस जमाने की चालाकी की थी। इसने पूछताछ में अफसरों को बताया कि वो टिफिन सेंटर चलाती है और इस कार्य के लिए राशन कार्ड धारक से चावल 17 रुपये किलो में खरीदती है। नसीम बानो के पास से 33 क्विन्टल चावल रखा पाया गया। साजिद अली और नसीम बानो दोनों के पास एक एक राशनकार्ड है जिसमे 35 -35 किलो चावल मिलने के ये भी हकदार हैं। सहायक खाद्य अधिकारी संजय दुबे,खाद्य निरीक्षक संदीप शर्मा और रीना साहू ने बताया कि अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की रही है।