Saturday, 21 April 2018, 3:40 AM

धर्म कर्म

पितृ पक्ष: संतों के लिए औचित्यहीन है पिंड दान

Updated on 10 September, 2014, 20:53
अयोध्या। पितृ पक्ष में पिंड दान वैदिक परंपरा का अभिन्न अंग है पर विरक्त संतों में इस परंपरा के प्रति गृहस्थों जैसी प्रतिबद्धता नहीं है। उनकी मान्यता है कि घर-बार के साथ उन्होंने पितरों को त्यक्त कर परम पिता से नाता जोड़ लिया है और ऐसे में पितरों के लिए... आगे पढ़े

मजबूत हुई आस्था की डोर

Updated on 10 September, 2014, 14:08
गया। तीखी धूप। तल्ख मौसम। अधिकतम तापमान 34.2 डिसे। ऊंचा प्रेतशिला पहाड़। 676 सीढि़यां वो भी सीधी पर उम्र ढलान की ओर। पर आस्था की डोर कमजोर के बजाय और मजबूत होती नजर आई। मंगलवार को पिंडदान के कर्मकांड का प्रथम व द्वितीया तिथि दोनों था। धार्मिक मान्यता के अनुसार... आगे पढ़े

फल्गु को कराएंगे शाप मुक्त

Updated on 9 September, 2014, 16:38
गया। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को अंत:सलिला फल्गु नदी को मां सीता के शाप से मुक्त कराने का संकल्प लिया। साथ ही यह घोषणा की कि तीर्थयात्रियों के आवासन के लिए एक धर्मशाला बनाया जाएगा। वे पखवारे भर संचालित सनातन धर्मावलंबियों के विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले के उद्घाटन... आगे पढ़े

दिवंगत आत्माएं दे रहीं आशीर्वाद

Updated on 9 September, 2014, 16:37
गया। पितृपक्ष की अवधि में गया श्राद्ध की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। मेरे पिताजी, चाचाजी तथा मैंने भी गया श्राद्ध किया है। अब तो मेरा यह विश्वास दृढ़ हो गया है कि कट्टर से कट्टर नास्तिक भी यदि एक बार गया श्राद्ध कर लेगा तो उसकी... आगे पढ़े

17 दिवसीय पितृपक्ष प्रारंभ, 30 हजार तीर्थयात्री पहुंचे गया

Updated on 9 September, 2014, 16:36
गया। विष्णु नगरी गयाजी में सोमवार की सुबह अन्य दिनों से कुछ अलग हटकर था। मोक्षधाम के रूप में विख्यात इस भूमि पर आज से एक पखवारे तक पितरों के जयकारे से गुंजायमान होने लगा है। प्रात: काल से ही पवित्र फाल्गु नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने... आगे पढ़े

गया और पिंडवेदियां

Updated on 9 September, 2014, 16:35
पूरे विश्व में गया ही एक ऐसा स्थान है, जहां सात गोत्रों में 121 पीढि़यों का पिंडदान और तर्पण होता है। यहां पिंडदान माता, पिता, पितामह, प्रपितामह, प्रमाता, वृद्ध प्रमाता, प्रमातामह, मातामही, प्रमातामही, वृद्ध प्रमातामही, पितृकुल, मातृकुल, श्वसुर कुल, गुरुकुल, सेवक के नाम से किया जाता है। यहां विभिन्न वेदियों पर... आगे पढ़े

शुरू होते ही वैष्णो देवी की यात्रा फिर रुकी

Updated on 9 September, 2014, 16:35
कटड़ा। आखिर चार दिन से स्थगित माता वैष्णो देवी की यात्रा सांझी छत-भैरो घाटी के रास्ते सोमवार को शुरू तो हुई, लेकिन मौसम फिर बिगड़ जाने से यात्रा को दोपहर बाद रोक दिया गया। सुबह भवन की ओर रवाना किए गए 25 हजार श्रद्धालुओं में से करीब साढ़े सात हजार यात्रियों... आगे पढ़े

गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू...

Updated on 9 September, 2014, 12:30
कटनी। अनंत चर्तुदशी के दिन सोमवार को दस दिन से चल रहे गणेश उत्सव का समापन हो गया। देर रात तक समितियों के सदस्यों द्वारा श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए नदी घाटों ले जाने का सिलसिला चलता रहा है। गणेश विसर्जन सुबह से ही शुरू हो गया था। घर-घर... आगे पढ़े

इस पूजा पर 3डी प्रिंटेड दुर्गा प्रतिमा

Updated on 9 September, 2014, 10:28
कोलकाता। कला और विज्ञान के अद्भुत मेल का नमूना इस बार कोलकाता में दुर्गा पूजा के एक विशेष पंडाल में देखने को मिलेगा। मां दुर्गा और अन्य देवियों की प्रतिमाएं अत्याधुनिक कागज पर 3डी प्रिंटर तकनीक से बनाई गई हैं। ऐसा दुर्गा पूजा के इतिहास में पहली बार हुआ है।... आगे पढ़े

पितृपर्व में गंगा से बढ़कर फाल्गु

Updated on 8 September, 2014, 14:22
दिवसीय गया श्राद्ध की प्रारंभिक वेदी फाल्गु नदी है। गया यात्रा के मार्ग में स्थित पुन: पुना वेदी इसके पूर्व है। फाल्गु नदी में तर्पण के बाद प्रारंभिक श्राद्ध गयाधाम में फल्गु तट पर होता है। इसका पौराणिक नाम महानदी है। इसे मोहाने के नाम से उद्गम स्थल से ही... आगे पढ़े

तर्पण, अर्पण और समर्पण का पिंडदान

Updated on 8 September, 2014, 14:21
गया। श्रद्धा का भाव। पितरों के प्रति पुत्रों की आस्था। सब कुछ समर्पण करने की लालसा। यहीं से शुरू होता है गयाजी का पिंडदान। प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी से प्रारंभ होकर आश्रि्वन शुक्ल प्रतिपदा तक चलने वाला यह 'श्राद्धकर्म' पूरी श्रद्धा और अर्पण के भाव से किया जाता है। पौराणिक पुस्तकें... आगे पढ़े

गया मेले में रखा जा रहा है तीर्थयात्रियों के सुविधाओं का ख्याल

Updated on 8 September, 2014, 14:20
गया। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला सोमवार से शुरू हो गया है। तीर्थयात्रियों के सुविधाओं का पूरा ख्याल रखने की कोशिश की जा रही है। रेल मार्ग से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा का ख्याल रेल प्रशासन के लिए भी मायने रखता है। इसी सोच के तहत महिला यात्रियों के लिए गया... आगे पढ़े

महालया आज, पितृ विसर्जन 23 को

Updated on 8 September, 2014, 10:33
वाराणसी। शास्त्रों में पितरों का ऋण उतारने के लिए महालया का विधान है जो भाद्र शुक्ल पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन (कुवार) कृष्ण अमावस्या तक रहता है। मान्यता है कि इन 16 दिनों में तर्पण और विशेष तिथियों पर श्राद्ध से पितर प्रसन्न होते हैं। इस बार महालया का आरंभ... आगे पढ़े

अनंत चतुर्दशी: पंडालों में उमड़ी गणेश भक्तों की भीड़

Updated on 8 September, 2014, 10:32
मुंबई। दस दिन तक चला गणेशोत्सव सोमवार को समाप्त हो रहा है। अनंत चतुर्दशी के इस मौके पर देशभर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। महाराष्ट्र समेत देशभर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। सुबह से ही पंडालों में गणेश भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मुंबई में... आगे पढ़े

भगवान को अक्षत यानी चावल क्यों अर्पित किया जाता है?

Updated on 7 September, 2014, 10:45
पूजा करते समय आप भगवान को फल-फूल और अक्षत यानी अखंडित चावल अर्पित करते होंगे। लेकिन क्या कभी सोचा है कि भगवान को अक्षत क्यों चढ़ाते हैं आखिर इसके पीछे क्या कारण है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो चावल अन्य अनाजों की अपेक्षा अधिक शुद्घ होता है क्योंकि यह... आगे पढ़े

9 सितंबर से श्राद्घ शुरु, मृत्यु के अनुसार किसका श्राद्घ कब

Updated on 7 September, 2014, 10:44
अपने-अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा रूपी नैवेद्य अर्पण करने वाला पावन पर्व श्राद्ध 9 सितंबर सोमवार से आरम्भ होगा जो 24 सितंबर तक चलेगा। सभी सनातन धर्मावलंबी अपनी कुलपंरपरा के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोग भाद्रपद पूर्णिमा से अपने दिवंगतों के लिए तिलांजलि, तर्पण-पिंडदान आदि करेंगें। मान्यता है है कि इस... आगे पढ़े

बर्फीली चोटियों का बढ़ा सम्मोहन

Updated on 6 September, 2014, 17:58
वाण। वाण की तरफ बढ़ते हुए हम लोहाजंग पहुंच चुके हैं। मेला लगा है यहां। नंदा घुंघटी और आली बुग्याल पर भी पहली बार नजर यहीं से पड़ती है, लेकिन फिलहाल वह बादलों की ओट में हैं। सो, हम भी इस मनमोहक नजारे को देखने से वंचित रह गए। इस... आगे पढ़े

गीता से मिलता है प्रेम भाव का संदेश

Updated on 6 September, 2014, 17:58
पानीपत। गीता की दिव्यता आस्था की स्वतंत्रता है। गीता विश्व का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जो मानव को जीने का ढंग सिखाता है। गीता जीवन में प्रेम का पाठ पढ़ाती है। प्रेम में शांति निहित होती है। यह बात महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि प्रेम... आगे पढ़े

पदयात्रा के साथ ही ऐतिहासिक कासन मेले का शुभारंभ

Updated on 6 September, 2014, 14:22
गुड़गांव। अरावली पहाड़ी की कंदराओं में बने बाबा बिसाह भगत पूरण मल मंदिर में ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ पदयात्रा के साथ हो गया। पदयात्रा खांडसा रोड से शुरू होकर मंदिर परिसर में संपन्न हुई। ढोल नगाड़ों के साथ झूमते हुए काफी संख्या में लोग गुड़गांव के गांव कासन मंदिर तक... आगे पढ़े

इसी स्वप्नलोक में रचे गए थे वेद

Updated on 6 September, 2014, 14:21
देहरादून। गैरोलीपातल से सिर्फ तीन किमी के फासले पर है वैतरणी, जिसे अब वेदिनी बुग्याल, वेदिनी कुंड नाम से भी पुकारा जाता है। पश्चिमी-उत्तरी ढलान पर फैला मखमली हरी घास का यह खूबसूरत मैदान सप्तमी पूजन के लिए पहली बार राजजात का पड़ाव बनाया गया है। समुद्रतल से 11004 फीट... आगे पढ़े

रहस्य पथ पर राजजात यात्रा

Updated on 6 September, 2014, 14:21
गैरोली पातल। पहाड़ों के पीछे डूबते सूरज की स्वर्णिम आभा से चमकता आकाश और नीचे वादी में फैली मखमली घास की ढलान। मानो प्रकृति ही नंदा का सत्कार कर रही हो। नंदा के स्वागत में पलक-पांवड़े बिछाए ग्रामीणों के दृश्य अब पीछे छूट चुके हैं। दिनभर रही रिमझिम बारिश के... आगे पढ़े

वैष्णो देवी के भैरो घाटी जाने के लिए, रोपवे का मिला तोहफा

Updated on 6 September, 2014, 10:12
कटड़ा। माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले भक्तों के लिए खुशखबरी है। कठिन चढ़ाई कर भैरो मंदिर के दर्शनों से वंचित रहने वाले भक्तों को अगले वर्ष दीवाली तक इस मार्ग पर रोपवे का तोहफा मिल जाएगा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट की सभी कानूनी... आगे पढ़े

कैलाश मानसरोवर का नया सुरक्षित रास्ता खोल सकता है चीन

Updated on 4 September, 2014, 14:55
बीजिंग। कैलाश और मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए चीन एक नया सुरक्षित रास्ता खोलने की घोषणा कर सकता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान इस घोषणा की उम्मीद की जा रही है। नया रास्ता सिक्किम से तिब्बत में इस धर्मस्थान तक... आगे पढ़े

यात्रा की जोत से नई रोशनी में मिरजई

Updated on 4 September, 2014, 14:55
गोपेश्वर, [हरीश बिष्ट]। जिस मिरजई (पारंपरिक पहनावा) को हम भूलते जा रहे थे, वही राजजात यात्रा में आकर्षण केंद्र बन गई है। ऐसा संभव हो पाया उसके कलेवर में बदलाव से। यह मिरजई पारंपरिक ऊनी कपड़े की नहीं, बल्कि कैबेडीन के वाटर प्रूफ कपड़े से बनाई गई है। यही वजह... आगे पढ़े

चुनौतियों के दिन, परीक्षा की रातें

Updated on 4 September, 2014, 14:54
गैरोलीपातल की अनुभूति बहुत अच्छी नहीं रही। जब हम वहां पहुंचे तो बारिश शुरू हो चुकी थी। ठहरने की मुट्ठीभर व्यवस्था देख मन व्यथित हो गया। ठंड भी काफी बढ़ गई थी। अब हमारे पास एक ही चारा था कि वेदिनी की राह पकड़ लें। गैरोली में रुकने का मतलब... आगे पढ़े

मुहम्मद साहब की कब्र दूसरी जगह ले जाने की योजना

Updated on 3 September, 2014, 10:51
नई दिल्ली । ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाले अखबार 'द इंडिपेंडेंट' ने दावा किया है कि पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की कब्र को सऊदी अरब की सरकार स्थानांतरित करने वाली है। अखबार के अनुसार अली बिन अब्दुल अजीज शबल नामक सऊदी मुफ्ती ने सरकार को यह विवादित सलाह दी है... आगे पढ़े

मुस्लिम परिवार, जो मानता है कि भगवान गणेश ने दी समृद्धि

Updated on 3 September, 2014, 10:51
वडोदरा। भगवान गणेश खुशी और समृद्धि के देव हैं। गणेश पूजन करने वाला हर व्यक्ति ऐसा ही कहता है, अगर ये बात एक मुस्लिम परिवार कहे तो इसके मायने और भी गहरे हो जाते हैं। सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी ही मिसाल पेश करते हैं गुजरात के अनीश कुरैशी। 47 वर्षीय मुस्लिम... आगे पढ़े

राधाष्टमी स्नान: शिव चेलों व ज्योतिष समाज में विरोधाभास

Updated on 2 September, 2014, 17:06
भरमौर : मणिमहेश यात्रा के अंतिम चरण में मणिमहेश डल झील पर राधाष्टमी को होने वाले पवित्र स्नान के लिए भरमौर स्थित चौरासी परिसर में स्थित शिवजी के मुख्य मंदिर के चेलों द्वारा सोमवार को विधिवत रूप से मणिमहेश डल झील को लांघ कर शाही स्नान के शुरू होने की... आगे पढ़े

हरमुख गंगबल यात्रा शुरू

Updated on 2 September, 2014, 17:02
जम्मू:  गांदरबल जिले की कंगन में स्थित ऐतिहासिक धार्मिक स्थल नारान नाग से गंगबल छड़ी पूजन के साथ हरमुख गंगबल यात्रा धार्मिक श्रद्धा व आस्था के साथ भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए गंगबल झील के लिए रवाना हो गई। मंगलवार को पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध... आगे पढ़े

जब भगवान एकदंत ने किया मदासुर के अहंकार का अंत

Updated on 2 September, 2014, 13:00
भगवान गणेशजी को एकदंत भी कहा जाता है। यह अवतार उन्होंने मदासुर का वध करने के लिए लिया था। एकदंत भगवान का वाहन मूषक है। पुराणों में वर्णित है कि मदासुर महर्षि च्यवन का पुत्र था। दैत्य प्रवृत्ति का होने के कारण, उसकी आसुरी प्रवृत्ति ने उसे संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वामी... आगे पढ़े