Tuesday, 12 December 2017, 7:24 PM

धर्म कर्म

जब भगवान शिव की अर्धांगिनी का शरीर बना कलंक रूप

Updated on 12 December, 2017, 6:45
सती के पिता महाराज दक्ष को ब्रह्मा जी ने प्रजापति-नायक के पद पर अभिशिक्त किया। महान अधिकार की प्राप्ति से दक्ष के मन में भारी अहंकार उत्पन्न हो गया। संसार में ऐसा कौन है जिसे प्रभुता पाकर मद न हो। एक बार ब्रह्मा की सभा में बड़े-बड़े ऋषि, देवता और... आगे पढ़े

अपनी Habits से जानें, क्या शनि बनाएंगे आपको धनवान

Updated on 9 December, 2017, 7:00
शनिदेव की अपने पिता सूर्य से अत्यधिक दूरी के कारण यह प्रकाशहीन हैं। इसी कारण लोग शनिदेव को अंधकारमयी, भावहीन, गुस्सैल, निर्दयी और उत्साहहीन भी मान बैठते हैं परंतु शनि ग्रह ईमानदार लोगों के लिए यश, धन, पद और सम्मान का ग्रह है। शनि संतुलन एवं न्याय के ग्रह हैं।... आगे पढ़े

कुबेर देवी पार्वती पर हुए मोहित, गजानन ने रोका पापों का नग्र नृत्य

Updated on 7 December, 2017, 7:00
गजानन: स विज्ञेय: सांख्येभ्य: सिद्धिदायक:। लोभासुरप्रहर्ता वै आखुगश्च प्रर्वीतत:।।   भगवान श्री गणेश का गजानन नामक अवतार सांख्य ब्रह्म का धारक है। उसको सांख्ययियोगियों के लिए सिद्धिदायक जानना चाहिए। उसे लोभासुर का संहारक तथा मूषक-वाहन पर चलने वाला कहा गया है।   एक बार देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर कैलाश पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान शिव-पार्वती... आगे पढ़े

तांत्रिक क्रियाओं के लिए प्रसिद्ध हैं भारत के ये 9 मंदिर

Updated on 6 December, 2017, 7:00
भारत अपनी प्राचीन सभ्यता के लिए जाना जाता है। जिसमें पूजा-पाठ से लेकर तंत्र-मंत्र से सम्बंधित विद्याओं का भी समवेश होता है और पूरे भारत में कई ऐसे मंदिर है, जहां तांत्रिक अपनी विद्या का प्रदर्शन कर देवी-देवताओं को खुश करते हैं। इन मंदिरों में जहां एक ओर तांत्रिक तंत्र... आगे पढ़े

मृत्यु से पहले बालि ने पुत्र को दिया इन 3 बातों का ज्ञान

Updated on 5 December, 2017, 14:30
रामायण में जब श्रीराम ने बालि का वध करने के लिए उसको बाण मारा तो वह घायल होकर पृथ्वी पर गिर पड़े थे। इस अवस्था में जब पुत्र अंगद उनके पास आया तब उन्होंने उसे ज्ञान की कुछ बातें बताई थीं। ये बातें आज भी इंसान को कई बड़ी से... आगे पढ़े

चित्तौड़गढ़ में बने इस मंदिर में होती है रानी पद्मावती की पूजा

Updated on 4 December, 2017, 7:00
पद्मावती की एक महान रानी थी। जिन पर कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने एक कविता भी लिखी है। रानी पद्मावती अपनी सुंदरता के लिए पूरे भारत में जानी जाती थी। रानी पद्मिनी के अस्तित्व को लेकर इतिहास में कोई दस्तावेज मौजूद नही है। लेकिन चित्तोड़ में हमें रानी पद्मावती की... आगे पढ़े

रामायण के ये मुख्य पात्र, जिन्होंने महाभारत में भी निभाई है महत्वपूर्ण भूमिका

Updated on 3 December, 2017, 7:20
हम सब रामायण के सभी पात्रों से जरूर वाकिफ होंगे लेकिन हम में  से शायद ही किसी को पता हो कि इस महाकाव्य में निभाए गए उन सभी पात्रों ने महाभारत में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आईए जानतें हैं उन्हीं पौराणिक पात्रों के बारे में-   हनुमानजी रामायण में प्रमुख भूमिका... आगे पढ़े

पुष्पक विमान और लंका को अपना बनाने के लिए रावण ने रचे थे ये खेल

Updated on 2 December, 2017, 7:00
कुबेर रावण का सौतेला भाई था। कुबेर धनपति था। कुबेर ने लंका पर राज कर उसका विस्तार किया था। रावण ने कुबेर से लंका को हड़पकर उस पर अपना शासन कायम किया। ऐसा माना जाता है कि लंका को भगवान शिव ने बसाया था। भगवान शिव ने पार्वती के लिए... आगे पढ़े

इस मंत्र केे जाप से मिलता है संपूर्ण भागवत का फल

Updated on 1 December, 2017, 7:40
धर्म शास्त्रों के अनुसार, भागवत का पाठ करने से पुण्य मिलता है और पाप का नाश होता है, लेकिन वर्तमान समय में संपूर्ण भागवत पढ़ने का समय शायद ही किसी के पास होगा। ऐसे में आज हम आपको एक एेसे मंत्र के बारे में बताएंगे जिसका रोजाना विधि-विधान से जप... आगे पढ़े

भगवान के आंसुओं से हुई थी रद्राक्ष नामक वृक्ष की उत्पत्ति

Updated on 30 November, 2017, 7:20
पुराणों के अनुसार रद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शंकर की आंसुओं से हुई थी। रद्राक्ष की माला को धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। रुद्राक्ष शिव का वरदान है, जो संसार के भौतिक दु:खों को दूर करने के लिए प्रभु शंकर ने प्रकट किया था। इसके बारे में पुराणों में... आगे पढ़े

श्री कृष्ण ने कहा, ज्ञानी व्यक्ति को चौकोर घर में वास नहीं करना चाहिए

Updated on 30 November, 2017, 7:00
घर में बीमारियां और परेशानियां सदा अपना सिर उठाए रखती हैं तो आपके आशियाने पर नकारात्मकता हावी है। शास्त्रों में घर को मन्दिर कहा गया है इसलिए घर का वातावरण सात्विक होना चाहिए। घर के अन्दर एवं बाहर साफ-सफाई एवं स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। सुबह एवं शाम मंदिर... आगे पढ़े

दुनिया के एेसे मंदिर जहां भगवान नहीं असुरों की होती है पूजा

Updated on 29 November, 2017, 7:20
हिंदू साहित्य में वेद-पुराणों को भारत का प्रमाणिक इतिहास का दर्जा प्राप्त है। कोई भी देश या कोई भी इतिहास पर शोध करने वाली संस्था इन वेदों-पुराणों को अप्रमाणिक मानती हो लेकिन भारत का हर आदमी वेदों और पुराणों को ही देश का इतिहास समझता है। यह वेद पुराण आर्यों,... आगे पढ़े

मां लक्ष्मी को एक गलती की भगवान विष्णु ने दी एेसी सजा

Updated on 27 November, 2017, 7:20
एक बार भगवान विष्णु के मन में धरती पर घूमने का विचार आया और वह अपनी यात्रा की तैयारी में लग गए। स्वामी को देख कर मां लक्ष्मी ने पूछा, आप कहां जा रहे हैं तो विष्णु जी ने कहा लक्ष्मी मैं धरती लोक पर घूमने जा रहा हूं तो... आगे पढ़े

इस श्राप के कारण भीष्म पितामह को पृथ्वी पर रहकर भोगने पड़े दुख

Updated on 26 November, 2017, 7:40
हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पूजनीय नदी माना गया है। गंगा के संबंध में अनेक पुराणों में कई कथाएं हैं जिससें हमें इनके महत्व और इतिहास के बारे में पता लगता है। महाभारत के सबसे प्रमुख पात्र भीष्म पितामह हस्तिनापुर के राजा शांतनु तथा देवनदी गंगा के ही पुत्र... आगे पढ़े

राधा के पति अभिमन्यु, सास और ननद के बारे में भी जान लीजिए

Updated on 26 November, 2017, 7:00
आपने कान्हा और राधा की प्रेम कहानी के बारे में तो बहुत कुछ पढ़ा और सुना होगा। राधा रानी का जन्म स्थान और उनसे जुड़े बहुत-सी साक्ष्य भक्त देखते हैं। आज हम आपको बताएंगे राधारानी के ससुराल के बारे में। जी हां, कुछ मान्यताओं के अनुसार राधारानी का विवाह हुआ... आगे पढ़े

यह है वो पवित्र स्थली, जहां धरती में समाई थी सीता मैय्या

Updated on 25 November, 2017, 7:40
उत्तरी भारत के पंजाब राज्य में अमृतसर से 11 कि.मी दूर अमृतसर-चौगावा रोड पर प्राचीन व ऐतिहासिक धार्मिक स्थल ‘श्री राम तीर्थ मंदिर’ स्थित है। यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। न केवल इस मंदिर का, अपितु इस पावन स्थली का भी इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है।... आगे पढ़े

कलयुग के न्यायधीश शनि देव दिलवलाते हैं कुंडली के सबसे बड़े दोष से मुक्ति

Updated on 25 November, 2017, 7:00
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से कुण्डली में निर्मित पितृदोष जीवन में समस्याओं तथा बाधाओं का कारण है। ज्योतिष के मतानुसार पितृदोष को कष्टकारी और बाधक योग माना जाता है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में पितृदोष का कारण सूर्य, शनि, राहु और केतु ग्रह की स्थिति होती है। कुण्डली में पितृदोष... आगे पढ़े

कान्हा को स्वस्थ करने के लिए राधा ने किया कुछ ऐसा, जानकर हो जाएंगे हैरान

Updated on 23 November, 2017, 7:00
चरणामृत से संबंधित एक पौराणिक गाथा काफी प्रसिद्ध है जो हमें श्रीकृष्ण एवं राधाजी के अटूट प्रेम की याद दिलाती है। कहते हैं कि एक बार नंदलाल काफी बीमार पड़ गए। कोई दवा या, जड़ी-बूटी उन पर बेअसर साबित हो रही थी। तभी श्रीकृष्ण ने स्वयं ही गोपियों से एक... आगे पढ़े

क्यों मानव रक्त को सफेद रंग में बदलना चाहता था रावण, जानिए वजह

Updated on 22 November, 2017, 7:00
रावण जितना दुष्ट था, उसमें उतनी खुबियां भी थीं शायद इसलिए कई बुराइयों के बाद भी रावण को महाविद्वान और प्रकांड पंडित माना जाता था। रावण से जुड़ी कई रोचक बातें हैं, जो आम कहानियों में सुनने को नहीं मिलती। विभिन्न ग्रंथों में रावण को लेकर कई बातें लिखी गई... आगे पढ़े

श्रीमद्भगवद्गीता: शुद्ध भक्त वही जो फल की इच्छा न करे

Updated on 21 November, 2017, 8:00
श्रीमद्भगवद्गीता यथारूपव्याख्याकार : स्वामी प्रभुपाद  अध्याय 7: भगवद्ज्ञान    सत्या श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते। लभते च तत: कामान्मयैव विहितान्हि तान्।। 22।।   अनुवाद एवं तात्पर्य ऐसी श्रद्धा से समन्वित वह देवता विशेष की पूजा करने का यत्न करता है और अपनी इच्छा की पूर्ति करता है। किंतु वास्तविकता तो यह है कि ये सारे लाभ केवल मेरे द्वारा प्रदत्त... आगे पढ़े

कुंभकर्ण के पुत्र का वध कर क्यों यहां विराजे थे शंकर भगवान

Updated on 20 November, 2017, 6:30
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में भीमाशंकर का स्थान छठा है। यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किमी दूर सहाद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना के पीछे कुंभकर्ण के पुत्र भीम की एक कथा प्रसिद्ध है। ऐसे हुई थी ज्योतिर्लिंग की स्थापना कुंभकर्ण के एक पुत्र... आगे पढ़े

ये हैं गंगा मैय्या के मुख्य नाम, जानिए इन नामों से जुड़ी कहानी

Updated on 19 November, 2017, 7:00
हिंदू धर्म में गंगा नदी एक विशेष स्थान रखती है, इसे मां स्वरुप माना जाता है। ग्रंथों में गंगा के अनेकों नाम का विवरण मिलता है, गंगा स्त्रोत में भी गंगा के 108 नाम बताए गए है। जिनके होने के पीछे के कोई न कोई कारण व कहानी है। जानते... आगे पढ़े

तमिल कवि वल्लुवर की पत्नी ने शान्ति से मरने के लिए जानना चाहा गहरा राज

Updated on 18 November, 2017, 7:00
तमिल कवि वल्लुवर की स्त्री का नाम वासुकी था। वह बड़ी ही पतिव्रता थीं। विवाह के दिन वल्लुवर ने खाना परोसते समय उससे कहा, ‘‘मेरे खाना खाते समय नित्य एक कटोरे में पानी तथा एक सूई रख दिया करो।’’   वासुकी ने जीवनपर्यंत पति की इस आज्ञा का पालन किया। जीवन के... आगे पढ़े

वाणी की ये विशेषताएं, समाज में बढाएंगी मान-सम्मान

Updated on 17 November, 2017, 7:10
इंसान का व्यवहार, घर-परिवार और समाज में स्थिति कैसी है, ये सब बहुत हद तक उसकी वाणी पर निर्भर करता है। सामने वाले से बात करते समय हम किन शब्दों का प्रयोग और किस लहजे में बात करतें हैं, ये सब ही हमें समाज में मान-सम्मान प्रदान करवाता है। अगर... आगे पढ़े

बिना गर्भ के जन्मे थे हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज

Updated on 17 November, 2017, 6:30
हम सब को ये पता है कि हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वो एक पुत्र के पिता बने थे हालांकि यह पुत्र वीर्य कि जगह पसीने की बूंद से हुआ था। जब हनुमान जी सीता की खोज में लंका पहुंचे थे। तब उनको मेघनाद... आगे पढ़े

गांधारी के श्राप के कारण हुआ यदुवंश का नाश

Updated on 16 November, 2017, 7:40
अठारह दिन चले महाभारत के युद्ध में रक्तपात के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। इस युद्ध में कौरवों के समस्त कुल का नाश हुआ, साथ ही पांचों पांडवों को छोड़कर पांडव कुल के अधिकांश लोग मारे गए। लेकिन इसके कारण, एक और वंश का खात्मा हो गया वो था ‘श्री... आगे पढ़े

गुरूवार को करें ये उपाय, बड़ी से बड़ी समस्या होगी समाप्त

Updated on 16 November, 2017, 6:30
गुरुवार को बेहद खास दिन माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा करने का विधान है। गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं। घर में सुख समृद्धि और संपन्नता लाने के लिए गुरुवार के दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। कुछ ऐसे ही... आगे पढ़े

चाणक्य नीति: कर्म एवं भाग्य

Updated on 15 November, 2017, 6:45
आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया।   सदियां गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत ‍और नीतियां प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्‍ययन, चिंतन और जीवानानुभवों... आगे पढ़े

हनुमान नहीं भरत थे श्रीराम के सबसे बड़े भक्त

Updated on 14 November, 2017, 7:20
हनुमान जी जब पर्वत लेकर लौटते है तो भगवान श्रीराम से कहते हैं। प्रभु आपने मुझे संजीवनी बूटी लेने नहीं भेजा था। आपने तो मुझे मेरी मूर्छा दूर करने के लिए भेजा था।    "सुमिरि पवनसुत पावन नामू।    अपने बस करि राखे रामू"   हनुमान जी ने पवित्र नाम का स्मरण करके श्री रामजी... आगे पढ़े

यहां भक्तों को आशीर्वाद देता है एक बंदर

Updated on 13 November, 2017, 15:15
राजस्थान में एेसे कई मंदिर हैं जो भक्तों की आस्था के प्रतीक मने जाते हैं। उन में से  एक मंदिर अजमेर के बजरंगगढ़ का हनुमान मंदिर है। अजमेर शहर में खूबसूरत आनासागर झील के नजदीक पहाड़ी पर हनुमान जी का ये मंदिर बहुत खास है, जहां भक्त नैसर्गिक वातावरण में... आगे पढ़े